कृषि कानूनों पर बनी सुप्रिम कोर्ट की समिति से अलग हुए मान, जाने समिति के सभी सदस्यों के बारे में

सौरभ शेखर

भारत सरकार के तीन नये कृषि कानूनों के विरोध में भारी संख्या में किसान दिल्ली बॉर्डर पर डटे हुए हैं. सरकार और किसानों के बीच गतिरोध कम होता नहीं दिख रहा वहीं सुप्रिम कोर्ट ने मंगलवार को सरकार के नए कृषि काूननों के लागू होने पर अगले आदेश तक रोक लगा दी है। अदालत ने इन कानूनों की समीक्षा के लिए चार सदस्यीय समिति गठित की है। समिति में भारतीय किसान यूनियन के भूपेंद्र सिंह मान, डॉ. प्रमोद कुमार जोशी (कृषि विशेषज्ञ), अशोक गुलाटी (कृषि विशेषज्ञ) और अनिल घनावंत (शेतकारी संगठन) हैं। समिति को दस दिनों के भीतर अपनी पहली बैठक करनी है और दो महीने के अंदर सीधे सुप्रिम कोर्ट को अपनी रिपोर्ट पेश करनी है।

आन्दोलन कर रहे किसान नेता सुप्रिम कोर्ट द्वारा गठित कमेटी का विरोध कर रहे हैं, किसान नेताओं का आरोप है कि कमेटी में शामिल चारों लोग सरकार समर्थक हैं और तीन नये कृषि कानूनों का समर्थन करते रहे हैं।

जानिये कौन है समिति के सदस्य

1) भूपेन्द्र सिंह मान : 15 सितम्बर 1939 को जन्मे 81 वर्षिय भूपेन्द्र सिंह मान बीकेयू की एक स्प्लिन्टर यूनिट के राष्ट्रीय अध्यक्ष है जिसे बीकेयू (मान) के रूप में जाना जाता है। भूपिंदर सिंह मान को किसानों के संघर्ष में योगदान के लिए भारत के माननीय राष्ट्रपति द्वारा 1990 में राज्यसभा में नामांकित किया गया था। उन्होंने 1990-1996 तक सेवा की।कृषि मंत्री तोमर को लिखे अपने पत्र में मान ने कृषि कानूनों का समर्थन किया है, लेकिन कहा कि उन्हें कुछ संशोधनों के साथ लागू किया जाना चाहिए।

2) डॉ प्रमोद जोशी : जोशी ने राष्ट्रीय कृषि अनुसंधान प्रबंधन अकादमी, हैदराबाद के निदेशक के रूप में कार्य किया है, जोशी नेशनल सेंटर फॉर एग्रीकल्चर इकोनॉमिक्स एंड पॉलिसी रिसर्च नई दिल्ली में भी डायरेक्टर रह चुके हैं. जोशी तीन नये कृषि कानूनों के समर्थन कर चूके है।

3) अशोक गुलाटी : अशोक गुलाटी इंडियन काउंसिल फॉर रिसर्च ऑन इंटरनेशनल इकोनॉमिक रिलेशन में प्रोफेसर हैं। वे नीति आयोग के तहत प्रधानमंत्री की ओर से बनाई एग्रीकल्चर टास्क फोर्स के मेंबर और कृषि बाजार सुधार पर बने एक्सपर्ट पैनल के अध्यक्ष हैं। वे कृषि कानून को किसानों के लिए फायदेमंद बताते रहे हैं।

4) अनिल धनवट : घनवट किसानों के शेतकारी संगठन के अध्यक्ष हैं। संगठन की स्थापना प्रसिद्ध कृषि नेता शरद जोशी ने की थी। शेतकारी संगठन उन प्रमुख किसान संगठनों में से है जो तीन कृषि कानूनों पर सरकार को पूरी तरह से समर्थन दे रहा है।शेतकारी संगठन केंद्र सरकार द्वारा घोषित कृषि कानूनों का समर्थन करने वालों में सबसे पहला संगठन है. शुरुआत से ही खुले बाजार का समर्थन करने वाले इस संगठन ने तीनों कानूनों में से कृषि उत्पाद व्यापार और व्यवसाय कानून, 2020 का सबसे ज्यादा समर्थन किया है. 

बता दे कि कमेटी से भारतीय किसान यूनियन के अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह मान ने अलग हो गए हैं।

मीडिया छात्र