आईएलओ की रिपोर्ट : महिलाएं सबसे ज्यादा प्रभावित



अंतरराष्ट्रीय श्रम संगठन की एक रिपोर्ट में कोरोना महामारी की समयावधि में विश्व भर के औपचारिक और अनौपचारिक क्षेत्र में बेरोजगारी में वृद्धि का दावा किया गया है. रिपोर्ट के अनुसार कोरोना वायरस महामारी के कारण विश्व स्तर पर बेरोजगारी ढर में वृद्धि दर्ज की गई है.  आईएलओ के रिपोर्ट के मुताबिक कोविड महामारी का असर उन क्षेत्रों पर अधिक पड़ा है जहां महिला कर्मियों की संख्या ज्यादा है. आईएलओ के रिपोर्ट के अनुसार छोटे श्रमिकों को कोविड महामारी की वजह से भारी नुकसान झेलना पड़ा है. साथ ही उनके वेतन में लगातार गिरावट दर्ज की गई है. रिपोर्ट में कहा गया है कि कोरोना के कारण लगे लॉकडाउन की वजह से सबसे ज्यादा खुदरा व्यापार, आवास और खाद्य सेवाएं प्रभावित हुई है।

आईएलओ की रिपोर्ट में कहा गया है कि संकट का प्रभाव महिलाओं और पुरुषों के लिए अलग-अलग था। रिपोर्ट में अनुमान लगाया गया है कि यूरोपीय देशों  में महिला श्रमिकों की मजदूरी में 8.1 फीसदी की कमी दर्ज की गई है. रिपोर्ट के अनुसार कम भुगतान वाले श्रमिकों को भी संकट का सामना करना पड़ा है.
28 यूरोपीय देशों के समूह के आंकड़ों का उपयोग का हवाला देते हुए रिपोर्ट में दावा किया गया है कि अस्थायी सब्सिडी के बिना, सबसे कम कमाने वाले 50 प्रतिशत श्रमिकों ने अपने वेतन का  17.3 प्रतिशत खो दिया.

रिपोर्ट में कहा गया है कि कई देशों में, काम के घंटों में कटौती ने कम-कुशल व्यवसायों को प्रभावित किया है, विशेष रूप से प्रारंभिक कार्य में, जो उच्च-भुगतान वाली प्रबंधकीय और पेशेवर नौकरियों से अधिक है।

भारत : औपचारिक क्षेत्र पर भी पड़ा असर

आईएलओ की रिपोर्ट के अनुसार भारत भी कोविड महामारी के असर से अछूता नहीं रहा. रिपोर्ट के अनुसार भारत में अनौपचारिक श्रमिकों की मजदूरी में 22.6% की गिरावट दर्ज की गई, यहाँ तक कि औपचारिक क्षेत्र के कर्मचारियों की भी औसतन वेतन में 3.6% की कटौती हुई. आईएलओ के रिपोर्ट के अनुसार रीयल वेज ग्रोथ के मामले में भारत एशिया प्रशांत के सबसे कम ग्रोथ वाले देशों में शामिल है.

मीडिया छात्र